Dard bhari shayari in hindi

 

Dard bhari shayari hindi 

कुछ हार गई तकदीर कुछ टूट गये सपने,

कुछ गैरों ने किया बरबाद कुछ भूल गये अपने।

कितनी जल्दी थी उसको रूठ जाने की,हम भी कुछ प्यार के गीत गाने लगे हैं,

जब से ख़्वाबों में मेरे वो आने लगे हैं।

आवाज़ तक न सुनी दिल के टूट जाने की।

रोज ख्वाबों में जीते हैं वो ज़िन्दगी,

जो तेरे साथ हक़ीक़त में सोची थी कभी।



तरस आता है मुझे अपनी मासूम सी पलकों पर,

जब भीग कर कहती हैं कि अब रोया नहीं जाता।

छुपाये दिल में अजब सा गुबार बैठे हैं,

न जाने कैसे तसव्वुर में यार बैठे हैं,मुझे उस जगह से भी मोहब्बत हो जाती है,

जहाँ बैठ कर एक बार तुम्हें सोच लेता हूँ।

लुटा चुके हैं मुरव्वत में ज़िन्दगी अपनी,

तेरे लिए तो अना को भी मार बैठे हैं।

बेवक्त, बेवजह सी बेरुखी तेरी,

फिर भी बेइंतहा चाहने की बेबसी मेरी।


मेरे पास ना आओ,

खुद ही बताता हूँ।

खबर फैली है, कि

मैं सबको धोका देता हूँ।


इतना भी बुरा मत समझो मुझे,

हमें दर्द सहने की आदत है।

दर्द देने की नहीं।


यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसता छोड़ गया,
कि तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए।
लाख पता बदला, मगर पहुँच ही गया,
ये ग़म भी था कोई डाकिया ज़िद्दी सा।चलो माना कि हमें प्यार का इज़हार करना नहीं आता,
जज़्बात न समझ सको इतने नादान तो तुम भी नहीं।
हमसे पूछो क्या होता है पल पल बिताना,
बहुत मुश्किल होता है दिल को समझाना,

मेरी चाहत ने उसे खुशी दे दी,
बदले में उसने मुझे सिर्फ खामोशी दे दी,
खुदा से दुआ मांगी मरने की लेकिन,
उसने भी तड़पने के लिए जिन्दगी दे दी।
वो तो शायरों ने लफ्जो से सजा रखा है,
वरना मोहब्बत इतनी भी हसीँ नही होती।


तेरे बिना जिन्दगी में कोई कमी तो नही,

फिर भी तेरे बिना जिन्दगी उदास रहती है।

लगता है इस बादल का भी दिल टूटा है

बोलता कुछ भी नहीं बस रोये जा रहा है


इश्क का धंधा ही बंद कर दिया साहेब,

मुनाफे में जेब जले, और घाटे में दिल।

सुनो कोई टूट रहा है तुम्हे एहसास दिलाते दिलाते,

सीख भी जाओ किसी की चाहत की कदर करना।

न करवटे थी न बेचैनियाँ थी,

क्या गजब की नीँद थी मोहब्बत से पहले।

तुझे दर्द देने का शौक था बहुत,कुछ यूँ ही चलेगा, तेरा-मेरा रिश्ता उम्र भर,

मिल गए तो बातें लम्बी, और अगर

ना मिले तो यादें लंबी।

हमे भी दर्द सहने का शौक था बहुत।


जरा ख्याल की जिए मर न जाऊँ कहीँ,

बहुत जहरीली है तेरी ख़ामोशी मैं पी न जाऊँ कहीँ।

इश्क में धोखा खाने लगे हैं लोग, दिल की जगह जिस्म को चाहने लगे हैं लोग।

बहुत अंदर तक बसा था वो शख़्स मेरे,

उसे भूलने के लिए बड़ा वक़्त चाहिए।



रिश्तो को वक़्त और हालत बदल देते हैं…

अब हम तेरा ज़िक्र होने पर बात बदल देते हैं…


वही वहशत, वही हैरत, वही तन्हाई है मोहसिन,

तेरी आँखें मेरे ख़्वाबों से कितनी मिलती-जुलती हैं।

मोहब्बत में न अपना कोई ठिकाना रहा,

सारी उम्र बस उनका आना-जाना रहा,

हमने राज खुलने न दिए दिल के उनपर,मोहब्बत भी शराब के नशा जैसी है दोस्तों,

करें तो मर जाएँ और छोड़े तो किधर जाएँ।

खतों में हर्फ़ का लिखना मिटाना रहा।

वो सलीके से हुआ हम से गुनाह वरना,

लोग तो साफ मोहब्बत से मुकरते देखे,

वक्त होता है हर एक ज़ख्म का मरहम,

फिर भी कुछ जख्म थे जो न भरते देखे।


बहुत चाहा उसको जिसे हम पा न सके,

ख्यालों में किसी और को हम ला न सके,

उसको देखकर आँसू तो पोंछ लिए,

लेकिन किसी और को देखकर हम मुस्कुरा दिल पर आये हुए इल्जाम से पहचानते हैं,

लोग अब मुझे तेरे नाम से पहचानते हैं।न सके।

ये दुनिया तुम्हें एक पल में बरबाद कर देगी,

मोहब्बत हो भी जाए तो उसे मशहूर मत करना।



जुदा होना अगर किसी से इतना आसान होता... तो जिस्म से रूह को लेने कभी फरिश्ते ना आते…!!

वो मुझसे इतनी मोहब्बत जताने लगा है,

कभी-कभी तो मुझे खौफ आने लगता है।तुम्हारी खुशियों के ठिकाने बहुत होंगे मगर,

हमारी बेचैनियों की वजह… बस तुम हो।

सिर्फ़ दो ही गवाह थे वफ़ा के एक वक्त और एक वो एक गुज़र गया और एक मुकर गया…!!


तेरी जुदाई ने मुझे इश्क का मतलब समझा दिया तलब तो तेरी पहले भी थी पर दर्द के इस आलम ने तेरे दिल मे होने का यकीन दिला दिया…!!

सावन की बूंदों में झलकती है उनकी तस्वीर,

आज फिर भीग बैठे हैं उन्हें पाने की चाहत में।

चेहरों को बेनक़ाब करने में

ए बुरे वक़्त तेरा हज़ार बार शुक्रिया


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